Jalgaon train accident: कैसे हुआ जलगांव रेल हादसा ?

परिचय

Jalgaon train accident: दोस्तों महाराष्ट्र के जलगाँव में करीब शाम 5 बजे एक भयानक दिल दहलाने वाली ट्रेन एक्सीडेंट हुआ है। उसके पिक्चर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हैं और जब मैं उसका वीडियो देखा, तो मैं उसे यहां पर पोस्ट तो नहीं कर सकता लेकिन आप इतना समझ लीजिए कि वीडियो में कहीं पर सर कटा हुआ था, तो कहीं पर पैर कटे हुए थे, तो कहीं पर हाथ कटा हुआ था । बेसिकली यहां पर एक ट्रेन गुजर रही थी और उसके सामने बहुत से लोग आ गए । जिसकी वजह से यहां पर बहुत से लोगों की मौत हो गई । इस हादसे में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है और 50 से भी अधिक लोग घायल हो गए हैं । वैसे तो इससे पहले भी बहुत सारे ट्रेन हादसे सामने आ रहे थें, जिसमें देखा जाता था कि ट्रैक के सामने कुछ रख दिया जाता है या कहीं पर सिलेंडर ब्लास्ट हो जाता है या कहीं पर ट्रेन पटरी से उतर जाती है । तो इस तरह की चीज पहले भी होती रहती थी, लेकिन कल की जो घटना है उसे शायद कोई सोच भी नहीं सकता कि उसकी वजह से भी इतने लोगों की जान चली जा सकती है । यह इस समय एक इंटरनेशनल न्यूज़ भी बन गया है जिसमें बोला गया कि कम से कम 14 लोगों की इस हादसे से में मौत हुई है । तो इसे समझने की जरूरत है कि आखिर यहां पर हुआ क्या, मतलब ऐसा क्या हो गया कि उसकी वजह से यह लोग ट्रेन के ट्रैक पर आ गए और ट्रेन वहां पर रुक क्यों नहीं पाई। यह सारी बातें आज बताएंगे । चलिए शुरू करते हैं ।

पूरा मामला क्या है ?

सबसे पहले आपको यह बता दूं कि यह जो दुर्घटना हुई है, वह महाराष्ट्र के उत्तरी भाग में जलगांव जिला है, वहां हुई है । मुंबई से लगभग 450 किलोमीटर की दूरी पर यह ट्रेन हादसा हुआ है । महाराष्ट्र के उत्तरी भाग में जह मध्य प्रदेश के बॉर्डर से सटा जलगांव जिला है । तो यह हादसा इस समय यहीं पर हुआ है । इसमें कल बुधवार शाम 5:00 बजे जलगांव जिला में दो रेलवे स्टेशन के बीच में यह दर्दनाक हादसा हुआ है । इनमें एक रेलवे स्टेशन का नाम परढंडे और दूसरा है महेजी रेलवे स्टेशन है ।


आपने पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन का नाम जरुर सुना होगा, जो लखनऊ से मुंबई तक चलती है । तो यह ट्रेन लखनऊ से मुंबई की ओर जा रही थी और जब यह ट्रेन महेजी स्टेशन को क्रॉस की, तो यहां पर कुछ लोगों को आभास होता है की ट्रेन में कोच के अंदर आग लग गई है । तो यहां पर आग लगने का अफवाह फैल जातति है जिससे हड़बड़ी में जो लोग पुष्पक एक्सप्रेस के उस कोच में थे, उन्होंने चेन खींचकर ट्रेन को रोक दिया । तो ट्रेन जब वहां पर रुकी और आग लगने के डर से यह लोग ट्रेन से उतरकर भागने लगे और बगल के ट्रैक पर खड़े हो गए । जैसे ही यह लोग ट्रेन से उतर कर दूसरे ट्रैक पर आ गए लेकिन उस ट्रैक पर उसी समय दूसरी ट्रेन आ रही थी, जो कर्नाटक एक्सप्रेस थी । कर्नाटक एक्सप्रेस का रूट बेंगलुरु से नई दिल्ली की है । यह ट्रेन भी महाराष्ट्र के जलगांव से होकर गुजरती है लेकिन पुष्पक एक्सप्रेस भी उत्तर प्रदेश के लखनऊ से जलगांव तकजाती है और यहाँ से मुड़कर मुंबई चली जाती है । तो दोनों ही ट्रैन जलगांव स्टेशन पर एक दूसरे को क्रॉस करते हैं ।


तो यहीं पर बताया गया कि ट्रेन के सामने एक और ट्रैक है ,तो यहां पर पुष्पक एक्सप्रेस रुकी, जो लखनऊ से आ रही थी । वह जब रुकी चेन पुलिंग की वजह से, तो इसमें सवार हुए लोग हड़बड़ी में नीचे उतर आए और और पुष्पक एक्सप्रेस के बगल वाले ट्रैक पर खड़े हो गए । इस ट्रैक पर इस समय कर्नाटक एक्सप्रेस पूरी स्पीड में आ रही थी, जो बेंगलुरु से होते हुए नई दिल्ली की तरफ जा रही थी । इसी समय हादसा हुआ, जिसमें बहुत से लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं ।

आग की अफवाह कैसे फैला ?

देखिए जो बोला जा रहा है और जो रेलवे ऑफिसर के द्वारा बताया गया है कि पुष्पक एक्सप्रेस में एक कोच के अंदर कहीं ना कहीं एक स्पार्क दिखा होगा। यह स्पार्क हो सकता है की हॉट एक्सल की वजह से या ब्रेक बंधन की वजह से हुआ हो । आपको बता दू की ट्रैन के दोनों पहिये को जोड़ने वाली रोड को एक्सेल कहते हैं । तो एक्सल का बहुत बड़ा रोल होता है जो एक तो पहिये को जोड़कर रखता है और साथ ही साथ पुरे ट्रैन का वजन भी संभालता है । ऐसे में ये एक्सल के बहुत ज्यादा गर्म होने पर आग फेंकने लगता है। इसके अलावा बहुत बार ब्रेक भी जाम हो जाता है । जब ब्रेक जाम हो जाये मगर ट्रैन चलती रहे तो उसकी वजह से भी स्पार्क निकल सकती है ।


ऐसे में बताया जा रहा है कि इन दोनों घटनाओं के कारण स्पार्क लोगों को दिखा होगा या फिर जैसे भी लोगों ने आग देखा, तो लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया होगा की ट्रेन में आग लग गई है । जिसके बाद कोच में लोगों ने चेन पुलिंग कर दी और उसके बाद उस कोच से निकलकर नीचे उतर आए और जैसा मैंने बताया कि सामने से कर्नाटक एक्सप्रेस आ रही थी, जिससे बहुत से लोग कुचल दिए गए ।

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कितना नुकसान हुआ ?

यहां पर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं । यहां पर सेंट्रल रेलवे ऑफिशियल और लोकल अथॉरिटीज का कहना था कि कि इसमें 6 लोग मारे गए । लेकिन उसके बाद डिविजनल कमिश्नर नासिक के प्रवीण केदम का कहना था कि कि हादसे में आठ लोग मारे गए हैं । उसके बाद जो जिला कलेक्टर से खबर आई उसमें बोला गया कि कम से कम 10 से 12 लोग मारे गए हैं । लेकिन यूनियन मिनिस्टर रक्षा खड़से का कहना है कि यह आंकड़ा 40 तक भी जा सकता है, क्योंकि बहुत से लोग घायल भी हुए हैं ।अब घायलों और मृतकों का सही कितना नंबर आता है, यह तो समय बताएगा। लेकिन जैसे ही यह दुर्घटना हुआ उसके बाद 8 एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीम को वहां भेज दिया गया था, जिससे चीजों को तुरंत संभाला जा सके ।

आगे क्या होगा ?

अब इसकी पूरी जांच तो जरूरी हो जाती है कि आखिर यहां पर किसकी गलती से दुर्घटना हुआ होगा । तो इसको देखते हुए “रेलवे सेफ्टी कमिश्नर” की तरफ से पूरी जांच की जाएगी । आपको मैं यह बता दूं कि जो “कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी” है, उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि रेलवे एक्ट 1989 के अंदर की इस तरह की कोई दुर्घटना अगर होती है, तो उसकी वह जांच करें । आप एक बात ध्यान रखिएगा कि “कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी” रेलवे मिनिस्ट्री के अंदर नहीं आती है । बल्कि यह मिनिस्ट्री आफ सिविल एविएशन के अंतर्गत आता है ।तो यह एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है और बोला जा रहा है कि कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बहुत से लोगों से बात करेंगे कि उन्होंने यहां पर क्या देखा और कैसे या दुर्घटना हुई ।

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